हिंदी समाचार

Details of PM Modi's busy trip to Singapore: Meeting with Lawrence Wong and visiting business centres
सिंगापुर में पीएम मोदी की व्यस्त यात्रा का विवरण: लॉरेंस वोंग से मुलाकात और व्यापारिक केंद्रों का दौरा

 

04 सितंबर को विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सिंगापुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘व्यस्त कार्यक्रम’ का विस्तृत विवरण साझा किया। प्रवक्ता ने सोशल मीडिया पर इस यात्रा की जानकारी दी, जिसमें पीएम मोदी के कार्यक्रम के विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं का उल्लेख किया गया है।

प्रधानमंत्री मोदी सिंगापुर के अपने दौरे के दौरान एक अत्यंत व्यस्त शेड्यूल का पालन करेंगे। उनका कार्यक्रम सिंगापुर के प्रधानमंत्री लॉरेंस वोंग से मुलाकात के साथ शुरू होगा। यह बैठक द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने और दोनों देशों के बीच सहयोग के नए अवसरों पर चर्चा करने का एक महत्वपूर्ण मौका होगी। इस मुलाकात के दौरान, पीएम मोदी और प्रधानमंत्री वोंग विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने, जैसे कि व्यापार, निवेश, और तकनीकी नवाचार पर विचार करेंगे।

इसके अलावा, पीएम मोदी सिंगापुर के राष्ट्रपति और अन्य महत्वपूर्ण नेताओं से भी मुलाकात करेंगे। उनकी यात्रा के दौरान, सिंगापुर में भारतीय समुदाय के सदस्यों के साथ संवाद करने और उनकी समस्याओं को सुनने का भी कार्यक्रम है। इसके साथ ही, प्रधानमंत्री मोदी सिंगापुर के प्रमुख व्यापारिक और औद्योगिक केंद्रों का दौरा करेंगे, जहां वे व्यापारिक प्रतिनिधियों और उद्योगपतियों से मुलाकात करेंगे।

प्रधानमंत्री मोदी की इस यात्रा का उद्देश्य भारत और सिंगापुर के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करना है, साथ ही दोनों देशों के बीच व्यापारिक और सांस्कृतिक संबंधों को बढ़ावा देना है। इस यात्रा के दौरान, दोनों देशों के बीच कई समझौतों और घोषणाओं की उम्मीद की जा रही है, जो भविष्य में द्विपक्षीय संबंधों को एक नई ऊंचाई पर ले जाने में सहायक होंगे।

यात्रा के समापन पर, पीएम मोदी एक सार्वजनिक सभा को संबोधित करेंगे, जिसमें वे सिंगापुर में भारत की भूमिका और द्विपक्षीय संबंधों के महत्व पर प्रकाश डालेंगे। यह यात्रा भारत और सिंगापुर के बीच सहयोग की नई संभावनाओं की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

MoU between Government of India, Government of Tripura, NLFT and ATTF for peace in the North East
पूर्वोत्तर में शांति के लिए भारत सरकार, त्रिपुरा सरकार, एनएलएफटी और एटीटीएफ के बीच समझौता ज्ञापन

 

भारत सरकार, त्रिपुरा सरकार, नेशनल लिबरेशन फ्रंट ऑफ त्रिपुरा (एनएलएफटी) और ऑल त्रिपुरा टाइगर फोर्स (एटीटीएफ) के बीच शांति और विकास के लिए एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इस समझौते पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा और अन्य प्रमुख अधिकारियों की उपस्थिति में गृह मंत्रालय में हस्ताक्षर किए गए।

समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर के बाद, गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, “यह हम सभी के लिए खुशी की बात है कि 35 वर्षों से चल रहे संघर्ष के बाद, आप हथियार छोड़कर मुख्यधारा में शामिल हुए हैं और पूरे त्रिपुरा के विकास के लिए अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की है।” उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा करते हुए कहा कि जब से पीएम मोदी देश के प्रधानमंत्री बने हैं, उन्होंने शांति और संवाद के माध्यम से एक सक्षम और विकसित पूर्वोत्तर का विजन पेश किया है।

अमित शाह ने यह भी उल्लेख किया कि पीएम मोदी ने पूर्वोत्तर के लोगों और दिल्ली के बीच की दूरी को न केवल सड़क, रेल और हवाई संपर्क के माध्यम से समाप्त किया, बल्कि लोगों के दिलों के बीच की दूरी को भी मिटाया है। इस समझौते के माध्यम से, क्षेत्र में स्थिरता और विकास को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं।

Bhopal school students break fans and windows in protest against poor conditions
भोपाल के स्कूल छात्रों ने खराब व्यवस्था पर विरोध में पंखे और खिड़कियां तोड़ी

 

भोपाल के सरकारी स्कूल के छात्रों ने स्कूल परिसर में खराब व्यवस्थाओं के खिलाफ बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किया। छात्रों ने शिकायत की कि उन्हें अत्यंत खराब स्थिति में रखा गया है, और उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें गैर-उचित काम जैसे डायपर साफ करने के लिए मजबूर किया जा रहा है।

प्रदर्शनकारी छात्रों ने गुस्से में आकर पंखे और खिड़कियां तोड़ दीं, जिससे स्कूल में स्थिति और गंभीर हो गई। इस विरोध प्रदर्शन को नियंत्रित करने के लिए शिक्षक और पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। पुलिस ने छात्रों को तितर-बितर करने के लिए कार्रवाई की और स्कूल परिसर में शांति बहाल करने की कोशिश की।

छात्रों का यह विरोध प्रदर्शन स्कूल प्रबंधन द्वारा की जा रही उपेक्षा और अव्यवस्थाओं के प्रति उनकी निराशा को दर्शाता है।

Akhilesh Yadav hits back at CM Yogi's bulldozer jibe
अखिलेश यादव ने सीएम योगी के बुलडोजर तंज पर किया पलटवार

 

समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बुलडोजर वाले बयान पर तीखा पलटवार किया है। मुख्यमंत्री योगी ने अक्सर बुलडोजर का उपयोग अवैध निर्माण और अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई के प्रतीक के रूप में किया है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए, अखिलेश यादव ने कहा, “बुलडोजर में दिमाग नहीं होता, वो स्टेयरिंग से चलता है। उत्तर प्रदेश की जनता किसी के बुलडोजर का स्टेयरिंग बदल सकती है।”

अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी पर आरोप लगाया कि उन्होंने जानबूझकर उन लोगों पर बुलडोजर चलाया, जिनसे वे व्यक्तिगत रूप से बदला लेना चाहते थे। उन्होंने सवाल किया कि क्या मुख्यमंत्री आवास का नक्शा पास हुआ था, और यदि हां, तो कागज दिखाने की मांग की।

उन्होंने यह भी पूछा कि जब सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि बुलडोजर का उपयोग नहीं किया जा सकता, तो क्या सरकार अब तक चल रहे बुलडोजर के लिए माफी मांगेगी। अखिलेश यादव ने यह आरोप लगाया कि बुलडोजर के माध्यम से लोगों को अपमानित किया गया और उन पर अत्याचार किया गया।

अखिलेश ने कहा कि “दिल और दिमाग” की बात करें, तो वह सिर्फ इतना कहना चाहते हैं कि बुलडोजर में दिमाग नहीं होता, वह केवल स्टेयरिंग से चलता है। उन्होंने यह भी जोड़ते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता उस स्टेयरिंग को बदलने की ताकत रखती है, जो बुलडोजर को नियंत्रित करता है।

Serious flood situation in Surat, normal life disrupted
सूरत में बाढ़ की गंभीर स्थिति, सामान्य जनजीवन ठप्प

 

गुजरात के सूरत में स्थिति गंभीर बनी हुई है, जहाँ जिले के कई हिस्से बाढ़ के पानी में डूब गए हैं। इस स्थिति के कारण सामान्य जनजीवन पूरी तरह से ठप्प हो गया है। ड्रोन से ली गई तस्वीरों में क्षेत्र की गंभीर स्थिति स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है, जिसमें सड़कों, मकानों और अन्य स्थानों पर बाढ़ के पानी का अतिक्रमण दिख रहा है।

भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने सूरत में अगले सात दिनों तक लगातार बारिश की भविष्यवाणी की है, जिससे स्थिति और बिगड़ सकती है। बाढ़ के कारण परिवहन, बिजली आपूर्ति और अन्य सेवाओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है, जिससे स्थानीय निवासियों को कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन और राहत दल स्थिति को नियंत्रित करने के लिए काम कर रहे हैं, लेकिन भारी बारिश और बाढ़ की चुनौती को देखते हुए स्थिति सुधारने में समय लग सकता है।

The whole neighbourhood is a puzzle… Jaishankar explains India's complex foreign relations
पूरा पड़ोस एक पहेली है…जयशंकर ने भारत के जटिल विदेश संबंधों को समझाया

 

विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने 30 अगस्त को विवेकानंद इंटरनेशनल फाउंडेशन में आयोजित ‘स्ट्रैटेजिक कॉनड्रम्स: रीशेपिंग इंडियाज फॉरेन पॉलिसी’ पुस्तक विमोचन कार्यक्रम के दौरान भारत के जटिल पड़ोसी संबंधों पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर, उन्होंने मुस्कुराते हुए टिप्पणी की कि “पूरा पड़ोस एक पहेली है,” जो भारतीय विदेश नीति की जटिलताओं को दर्शाता है।

जयशंकर ने विस्तार से समझाया कि भारत का पड़ोसी क्षेत्र विभिन्न राजनीतिक, आर्थिक और सुरक्षा चुनौतियों से भरा हुआ है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इन जटिल परिस्थितियों में भारत को अपने हितों की रक्षा के लिए सावधानीपूर्वक रणनीति अपनानी होती है। विदेश मंत्री ने बताया कि प्रत्येक पड़ोसी देश के साथ संबंधों में अलग-अलग समस्याएं और संभावनाएं होती हैं, जिनका समाधान करना एक निरंतर चुनौती है।

उनका कहना था कि इन चुनौतियों का सामना करते हुए भारत को अपनी विदेश नीति को समायोजित करना और परिष्कृत करना पड़ता है, ताकि देश की सुरक्षा, आर्थिक विकास और क्षेत्रीय स्थिरता सुनिश्चित की जा सके। जयशंकर ने यह भी कहा कि भारत को अपने पड़ोसी देशों के साथ सहयोग और संवाद को मजबूत करना होगा, ताकि सभी के लिए लाभकारी संबंध बनाए जा सकें।

Jaishankar expressed concern over political changes in Bangladesh
जयशंकर ने बांग्लादेश के राजनीतिक बदलावों पर चिंता जताई

 

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने हाल ही में बांग्लादेश में हो रहे विघटनकारी राजनीतिक बदलावों की ओर संकेत दिया है। उनका कहना था कि बांग्लादेश में राजनीतिक परिदृश्य में महत्वपूर्ण बदलाव आए हैं, जो कि विघटनकारी हो सकते हैं। जयशंकर ने इस बात को स्वीकार किया कि बांग्लादेश में राजनीतिक स्थिरता को लेकर कुछ चिंताएं हैं और वहां की स्थिति पर ध्यान देने की आवश्यकता है।

इसके साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि इन बदलावों के बावजूद दोनों देशों के बीच रिश्तों में पारस्परिक हितों की महत्वपूर्णता को समझना और ध्यान में रखना होगा। उनका मानना है कि चाहे राजनीतिक स्थिति कैसी भी हो, दोनों देशों के बीच सहयोग और समझौते के लिए प्रयास जारी रखने की आवश्यकता है। यह भी महत्वपूर्ण है कि बांग्लादेश में हो रहे बदलावों का प्रभाव भारत-बांग्लादेश रिश्तों पर न पड़े और दोनों देशों के हितों की रक्षा की जा सके। जयशंकर के इस बयान से स्पष्ट होता है कि वे बांग्लादेश में हो रहे राजनीतिक परिवर्तनों के प्रति सजग हैं और दोनों देशों के रिश्तों को मजबूत बनाए रखने की दिशा में काम कर रहे हैं।

Six day National Silk Expo organized in Surat
सूरत में छह दिवसीय नेशनल सिल्क एक्सपो का आयोजन

 

– नेशनल सिल्क एक्सपो में तरह-तरह के डिजाइन के साथ अच्छी क्वालिटी की साड़ी, सूट और कपड़े होंगे उपलब्ध

– राखी स्पेशल कलेक्शन

सूरत। सूरत के सिटीलाइट स्थित महाराजा अग्रसेन भवन में छह दिवसीय नेशनल सिल्क एक्सपो आयोजित किया गया है। 15 अगस्त से शुभारंभ होनेवाले नेशनल सिल्क एक्सपो में महिलाओं के लिए सिल्क, कोटन साड़ी, डिजाइनर एथेनिक ड्रेस, ड्रेस मटेरियल्स, होम लिनन सहित अलग अलग वेरायटिया एक जगह उपलब्ध होगा। 15 से 20 अगस्त तक चलने वाला यह नेशनल सिल्क एक्सपो सुबह 11 बजे से रात 9 बजे तक खुला रहेगा। इसकी खासियत है कि इसमें पूरे भारत से 150 से ज्यादा मास्टर वीवर्स और श्रेष्ठ डिजाइनर्स की कारीगरी आपको देखने को मिलेंगी।

शादी और रक्षाबंधन सीजन के लिए स्पेशल साड़ी और सूट नई डिजाइन के साथ लेटेस्ट वेरायटी उपलब्ध है। साथ ही साथ 40 प्रतिशत तक का डिस्काउट भी मुहैया करवाया जाएगा। यहां तरह-तरह के डिजाइन के साथ अच्छी क्वालिटी की साड़ी, सूट और कपड़े हैं। एक जगह पर कई राज्यों के बुनकरों द्वारा तैयार कपड़े का काउंटर लगाए जाएंगे। जिससे कि अलग -अलग दुकान में खरीदारी करने की झंझट से मुक्ति मिलेगी। “अलग-अलग डिजाइन का अलग-अलग रेट है, जो लोग खरीदारी कर रहे हैं अपने बजट के अनुसार खरीदारी कर सकेंगे। साथ ग्राहकों को भुगतान करने के लिए डिबेट कार्ड , क्रेडिट कार्ड सहित कई विकल्प उपलब्ध होंगे।

नेशनल सिल्क एक्सपो में बिहार, आसाम, ओडि़सा, गुजरात, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, पंजाब, पश्चिम बंगाल, कर्नाटक, तमिलनाडू, तेलंगाणा, छत्तीसगढ, जम्मू और कश्मीर, आंध्र प्रदेश से लोकप्रिय वैरायटी की साड़ियां एवं ड्रेस मटेरियल उपलब्ध होंगे। जिसमें तरह तरह के डिजाइन्स, पैटन्स, कलर कॉम्बिनेशन है। जिसमें 15 हजार से लेकर 2 लाख तक की गुजरात की डबल इक्कत हैडमेड पटोला साड़ी उपलब्ध है, जो आठ महीने में तैयार होती है। इसे दो बार बुना जाता है। तमिलनाडू की प्योर जरी वर्क की कांजीवरम साड़ी भी महिलाओं को लुभाएगी।

बनारस के बुनकर अपनी साड़ीयों को नए जमाने के हिसाब से लोकप्रिय बनाने के लिए कई तरह के प्रयोग करते रहते हैं। कभी वे बनारसी साड़ीयों पर बाग की छपाई करवाते है तो अब वे बनारसी सिल्क साड़ीयों पर महाराष्ट्र की पैठणी साड़ीयों के मोटिफ बुन रहे हैं। वैसे पारंपरिक बनारसी जरी और कढ़वा बूटी साड़ीयों से लेकर तनछोई सिल्क तक कई तरह की वैरायटी एक हजार से लेकर पांच हजार तक इस सेल में मिल रही है।

रेशम की बुनाई के लिए मशहूर बिहार के भागलपुर से कई बुनकर शादी सीजन जैसे खास मौके पर पहने जाने वाले कुर्ता व पायजामा के लिये खास हाथ से बने हुये भागलपुर सिल्क व मोदी जैकेट का कपड़ा भी उपलब्ध है। तमिलनाडु की प्योर जरी वर्क की कांजीवरम साड़ी भी महिलाओं का पसंद आ रही है। सोने और चांदी के तारों से बनी इस साड़ी को कारीगर 30 से 40 दिन में तैयार करते हैं जिसकी कीमत 5 हजार से शुरु होकर 2 लाख होती है।

बनारसी और जमदानी सिल्क, कांचीपुरम, बिहार टसर, भागलपुर सिल्क, गुजरात बंधिनी और पटोला, पश्चिम बंगाल का बायलू, कांथा, हेंड पेंटेंड साडी, ढाकाई जमदानी, पैठनी, एमपी चंदेरी, महेश्वरी, एरी साड़ी, शिबोरी और अजरक प्रिंट, हेन्ड कलमकारी, राज्सथान ब्लोक प्रिन्ट, छत्तीसगढ कोसा और खादी सिल्क साडी और ड्रेस मटेरियल उपलब्ध होगा। मैसूर सिल्क साड़ीयों के साथ ही क्रेप और जॉर्जेट सिल्क, बिहार का टस्सर सिल्क, आन्ध्रा प्रदेश का उपाड़ा, उड़ीसा का मूंगा सिल्क भी सूरत के सिटीलाइट स्थित महाराज अग्रसेन भवन में उपलब्ध है।

The first woman to shoot an arrow with her feet: The inspirational story of Sheetal Devi
पैर से तीर चलाने वाली पहली महिला: शीतल देवी की प्रेरणादायक कहानी

 

शीतल देवी, एक ऐसी धुरंधर तीरंदाज हैं जो अपने पैरों से तीर चलाकर रोजाना 300 तीर चलाती हैं। उनकी इस अनोखी मेहनत का फल उन्हें पैरा एशियाड में दो स्वर्ण पदक जीतकर मिला है। अब शीतल का अगला बड़ा सपना पेरिस पैरालम्पिक में देश के लिए शीर्ष स्थान हासिल करना है।

शीतल देवी ने तीरंदाजी की दुनिया में इतिहास रच दिया है। वह पैर से तीर चलाकर पदक जीतने वाली विश्व की पहली महिला बन गई हैं। इसके बाद, उन्होंने पैरा विश्व तीरंदाजी रैंकिंग में महिला कंपाउंड ओपन वर्ग में शीर्ष तीरंदाज का स्थान हासिल किया। यह उपलब्धि न केवल उनके असाधारण कौशल का प्रमाण है, बल्कि उनके दृढ़ संकल्प और संघर्ष की कहानी भी बयां करती है।

नई दिल्ली में ‘बीइंग यू’ किताब के कवर लॉन्च के मौके पर, शीतल ने बताया कि वह पैरालम्पिक में पदक जीतने के लिए पुरजोर अभ्यास कर रही हैं। उनकी यह सफलता उन्हें और भी ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए प्रेरित कर रही है। शीतल का यह सफर संघर्ष, साहस और दृढ़ संकल्प की अद्वितीय मिसाल है।

शीतल देवी की यह प्रेरणादायक यात्रा हमें सिखाती है कि जब जुनून और मेहनत का मेल होता है, तो कोई भी चुनौती बड़ी नहीं होती। उनकी कहानी हर किसी के लिए प्रेरणा है, यह दिखाती है कि कैसे एक व्यक्ति अपनी सीमाओं को पार कर सकता है और असंभव को संभव बना सकता है। शीतल का संकल्प और साहस हमें याद दिलाता है कि सच्ची मेहनत और लगन से कोई भी बाधा पार की जा सकती है।

Salute to Hima Das and best wishes for her bright future!
हिमा दास को सलाम और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए ढेरों शुभकामनाएँ!

 

क्या आप जानते हैं कि भारत की धरती पर एक ऐसी बेटी ने जन्म लिया है जिसने दौड़ के मैदान में देश का नाम रोशन किया है? हम बात कर रहे हैं हिमा दास की, जिन्होंने अपने अदम्य साहस और मेहनत से भारतीय एथलेटिक्स में एक नया इतिहास रचा है।
हिमा दास का जन्म असम के नगाँव जिले के धींग गांव में हुआ था। एक किसान परिवार से ताल्लुक रखने वाली हिमा ने अपने सपनों को पंख देने के लिए कई कठिनाइयों का सामना किया। उनके पास न तो उच्च कोटि के प्रशिक्षण की सुविधाएँ थीं और न ही अच्छे संसाधन, लेकिन उनकी लगन और जुनून ने उन्हें कभी हार मानने नहीं दी।
2018 में आईएएएफ वर्ल्ड अंडर-20 एथलेटिक्स चैम्पियनशिप में हिमा दास ने इतिहास रच दिया। 400 मीटर दौड़ स्पर्धा में उन्होंने 51.46 सेकेंड का समय निकालकर स्वर्ण पदक जीता और इस उपलब्धि के साथ वे यह कारनामा करने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी बन गईं। यह जीत न केवल हिमा के लिए बल्कि पूरे भारत के लिए गर्व का क्षण था।
हिमा दास की कहानी संघर्ष, साहस और समर्पण की अद्वितीय मिसाल है। उनकी यह यात्रा हमें सिखाती है कि जीवन में कितनी भी मुश्किलें क्यों न आएं, अगर हम दृढ़ निश्चय और मेहनत के साथ अपने लक्ष्य की ओर बढ़ें, तो हम हर बाधा को पार कर सकते हैं।
हिमा दास ने न केवल अपने सपनों को साकार किया, बल्कि उन्होंने अन्य युवाओं को भी प्रेरित किया है कि वे अपने सपनों का पीछा करें और उन्हें हकीकत में बदलने का प्रयास करें। उनकी कहानी उन सभी के लिए प्रेरणा है जो बड़े सपने देखते हैं और उन्हें पूरा करने के लिए कड़ी मेहनत करते हैं।